Tuesday, September 12, 2017

कहीं देश को तानाशाह किम जोंग से प्यार तो नही हो गया ?

 लोकतंत्र है क्या बता सकते हो अमा यार छोड़ों तुम का बताओगे, तुम खुद ही नहीं समझ पा रहे हो की तुमको लोकतंत्र से मोहब्बत है या फिर फांसीवाद पर तुम्हारा लस्ट है ? जब पता चल जाएं तो बता देना वैसे उम्मीद नहीं है हमको की तुम लोग कन्विंस भी होते हो  हरियाणा वाला बाबा से हर पार्टी सत्ता के लिए डील तो बारी बारी कर लिया, जिसका नतीजा हुआ न्यायपालिका के आदेश के बाद पब्लिक बौरा गई, गाड़ी जलाई, बिल्डिंग जलाई, मीडिया वालो को मारा और फिर खुद 38 आदमी निपट गया. हालातों ने बताया की सरकार पूरा फेल हो गई है लेकिन सरकार का समर्थक लोग पूरा ढीठ पना दिखाया, उसके पहले हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष का बेटा भी बेटी उठाओ मुहिम में पकड़ाया तो लड़की के करेक्टर पर समर्थक लोग लोटा ले के चढ़ गए. खैर इन सब मामलों के बाद बारी आई गौरी लंकेश की, उसके मारे जाने पर हंगामा इसलिए हुआ क्योंकि कन्नड़ में उन्हें पढ़ा जाता था जिसके वजह से लोग डरे हुए थे कि वो एक्सपोज हो जाएंगे, गौरी लंकेश को किसने मारा ये तो बाद में पता लगेगा लेकिन जो लोग उनकी हत्या को जायज ठहरा रहे थे उनको देखकर मन तो खिन्न हो गया. बताईये महाराज कोई किसी महिला को कुतिया कह रहा है क्योंकि वो आपके जैसा नहीं सोचती, सोच में अलगाव तो एक घर के अंदर भी दिखता है, कई बार पापा लोग भी कुछ अलग राय रखते है और आप कुछ और तो फिर आपके पापा क्या हुए  ? चलिए छोड़िए आप कह रहे है कि सरकार का विरोध करने वाला पत्रकार सब दलाल है ?  दलाल का मतलब आपको पता है जी, और बढ़िया पत्रकार का क्या मतलब है यहीं बता दो अरे तुम लोग तो सब लुल दिमाग का है जानता भी नहीं है कि भाई सरकार में आने से पहले पार्टी कहती थी कि ये करेंगे, वो करेंगे, अब सत्ता में आई तो एक काम की और दुसरा नहीं की तो क्यों न कहे कि सरकार गलत कर रही है ?  कोई हमको गरज तोड़ी था, आप ही न माइक लगा लगा कर वोट मांग रहे थे जी, दिए वोट आपको, फिर गाड़ी भी मिला, सैलरी भी मिला, और पूरा फुटानी आपका पूरा हो रहा है, आम जनता को रोक कर आपको साफा रोड़ दिया जाता है कि आप जहां जा रहे है वहां जल्दी पहुंचइये, भले हम लोग लेट हो जाएं तो कंपनी सैलरी काट लेती है. तो बताईये भाई काहे नहीं बोलेंगे जब आप किया हुआ वादा पूरा नहीं करेंगे तो वोटर है, पत्रकार है, स्वतंत्र राय है, स्वागत कीजिए हमारे आलोचना का, कुछु बोलते है तो आप लोग दलाल दलाल का बाजा बजाने लगते है. 


आपलोगों को क्या नॉर्थ कोरिया वाला तानाशाह किम जोंग पंसद है जानते भी हैं कुछ उसके बारे में, सुत भी जाइयेगा तो गोली मार देता है, कोई विदेशी फिल्म नहीं देख सकते और आपलोग बताईये हमलोग को सुअर और कुतिया पता नहीं और क्या-क्या बोलते रहते है ?  खैर बौधिक स्तर अगर ठीक हो आपका तो थोड़ा डाटा डाटा खेला जाएं क्या ?  नोटबंदी पर पीएम मोदी ने बोला था कि कालाधन आएगा, आंतकी गतिविधि रुक जाएगी लेकिन कहां कुछ हुआ यार आरबीआई की रिपोर्ट है कि नोटबंदी के दौरान बैन किए गए 1000 रुपये के पुराने नोटों में से करीब 99 फीसदी बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट आए हैं. 1000 रुपये के 8.9 करोड़ नोट नहीं लौटे हैं. पिछले साल नवंबर में लागू की गई नोटबंदी के दौरान देश में प्रचलन में रहे 15.44 लाख करोड़ रुपये के प्रतिबंधित नोट में से 15.28 लाख करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट कर आ गए हैं. सत्ता में आने से पहले बोल रहे थे कि पाकिस्तान को मार के धांस देंगे. मोदी सरकार के तीन साल और यूपीए के आखिरी 3 सालों के मुकाबले कश्‍मीर में आतंकवाद से 42 फीसदी ज्‍यादा मौतें हुई. मोदी के शासनकाल के तीसरे साल में जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद के कारण 293 मौतें हुईंजो इसी सरकार के दूसरे साल के कार्यकाल में हुई 191 मौतों से 53 फीसदी अधिक रहा. बीते साल की तुलना में इस साल आतंकवादी हमलों में 61 फीसदी अधिक जवान शहीद हुए. उधर राष्ट्रवाद का सरकार बांसुरी बजाती रही और देश के जवान मरते रहे. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि जवानों की समस्याएं सुलझाने में नरेंद्र मोदी सरकार नाकाम रहीहर साल में 100 से ज्यादा सैनिक अब भी खुदकुशी करते है. बताइये महाराज पहले 60 रुपया का तेल और दाल हमलोग लाते थे तो मनमहोन सिंह को क्या क्या नहीं कहा गया, अब दाल 80-100 से ऊपर रहती है, जैसे 60 रुपया तो सौतन हो उसकी और तेल भी 70 के ऊपर है, जबकि पहले 60 का तेल तब मिलता था जब क्रूड ऑयल 120 डॉलर प्रति बैरल था लेकिन वहीं क्रूड ऑयल अब 54 डॉलर प्रति बैरल है और दाम 70 के उपर, देश की सरकार पर कोई सवाल अब उठाया नहीं जा सकता पता नहीं कब और कौन बोले की देखो भारत मां के प्रति समर्पित सरकार पर उंगल कर रहा है ?

भाई इससे बढ़िया तो पिछली लूटने वाली सरकार थी बताओ उतना लूटा फिर भी दाल 60 का खिलाई और राष्ट्रवादी लोग जब सत्ता में आए, भ्रष्टाचार भी बंद है और अंबानी अडानी को कोई फायदा भी नहीं दे रहे हैं तो दाल तेल सब मुहं फुला के ऊपर कैसे चढ़ गया है ?  ज्यादा बोलेंगे नहीं, पता चला की आप हमको भी फर्जी हिंदू बताके कभी पेल दीजिएगा. उ क्या है न कि आपलोग को हिंदू मुसलमान करके झगड़ा करने में बहुत मजा आता है इससे सबके दिमाग में से जितना स्वास्थ्य, शिक्षा का मुद्दा है सबका बत्ती बन जाता है, बाद बाकी यार सरकार की आलोचना करते है और करते रहेगे. लोकतंत्र है क्या इसका रिसर्च कर लीजिए समझे