लाख कोशिशो के बाद हम मिल नही पाए ,
तुमने कहा था दोगी मेरा साथ,
अपने हाथो में रखकर मेरा हाथ,
दोहराती थी तुम हर बात पर ये बात लेकिन,
लाख कोशिशो के बाद हम मिल नही पाए ।
गुटरगू करते मोहब्बत का मज़ा भी खूब लिया,
कभी चोकलेट तो कभी टीशर्ट गिफ्ट दिया ,
मैंने भी तुझको पाने के लिए 2 और 2 एक किया ,
लेकिन लाख कोशिशो के बाद हम मिल नही पाए ।
कभी मोटरसाइकिल पर तो कभी कार में घुमाया,
कभी डिजनीलैंड तो कभी तुझको मैंने पीके भी दिखाया ,
बात -बात पर तेरे नखरे को सर पर बिठाया लेकिन,
लाख कोशिशो के बाद हम मिल नही पाए ।
अपने कोशिशो को देख तो मेरे आंख भर आये ,
लाख रूपये तो तेरे घरवालो को खुश करने में उडाये ,
तेरे मोहब्बत के खातिर हम आज भी कुर्बान हो जाये लेकिन ,
लाख कोशिशो के बाद हम मिल नही पाए ।
-ऋषि राज े
दिल कि लिखें तो कहां लिखें ...यहां लिखें कि वहां लिखें ..हमारी कलम में अगर हो स्याही किसी और की, तो फिर लिखें तो क्या लिखें।
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