दिल कि लिखें तो कहां लिखें ...यहां लिखें कि वहां लिखें ..हमारी कलम में अगर हो स्याही किसी और की, तो फिर लिखें तो क्या लिखें।
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मौत के बाद पहला इन्टरव्यू नमस्कार, मैं ऋषिराज आज आपको एक ऐसा इन्टरव्यू पढाने जा रहा हूं जो अपने आप में नये किस्म का हैं। मैने मर चुके दल...
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स रकार के मंत्री हो या फिर प्रवक्ता, हर कोई सिर्फ एक ही बात कह रहा है कि वो मुस्लिम महिलाओं की आजादी के पक्ष में खडें है लेकिन क्या सिर...
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“ देश में जनता को मतदान के अधिकार के साथ-साथ कई और मौलिक अधिकारों से लैस होना जरुरी है क्योंकि सत्ता की कमान जनता के हाथ में है इस ...
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