शेयर इस लिए कर रहा हूं कि इसे देख हम कह सकते है कि ये हमारे पूर्वज ही हैं।यह दृशय आफिस जाते वक्त मिला तो सोचा आप लोगो के लिए कैद कर लूं ।
दिल कि लिखें तो कहां लिखें ...यहां लिखें कि वहां लिखें ..हमारी कलम में अगर हो स्याही किसी और की, तो फिर लिखें तो क्या लिखें।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
मौत के बाद पहला इन्टरव्यू नमस्कार, मैं ऋषिराज आज आपको एक ऐसा इन्टरव्यू पढाने जा रहा हूं जो अपने आप में नये किस्म का हैं। मैने मर चुके दल...
-
तो एजेंडा क्या है ? एजेंडा का पता नहीं लेकिन हर कोई इस होड़ में जरूर है कि वो या तो सत्ता के सबसे करीबी के तौर पर जाना माना जाए या फिर ...
-
स रकार के मंत्री हो या फिर प्रवक्ता, हर कोई सिर्फ एक ही बात कह रहा है कि वो मुस्लिम महिलाओं की आजादी के पक्ष में खडें है लेकिन क्या सिर...
No comments:
Post a Comment